पूरब-पश्चिम रोड़
पूरब-पश्चिम रोड़ हो , हो मर्दों की बात ।
प्राणेश्वरियाँ प्राण दे, रखे आपकी बात ।।
रखे आपकी बात, बढ़े बुजुर्गों का मान ।
खा मालपुआ खीर , वे दिन-भर चबाय पान ।।
कह ’वाणी’ कविराज, जरा करले जोड़-तोड़ ।
नाज करता समाज , रख पूरब-पश्चिम रोड़ ।।
पूरब-पश्चिम रोड़ हो , हो मर्दों की बात ।
प्राणेश्वरियाँ प्राण दे, रखे आपकी बात ।।
रखे आपकी बात, बढ़े बुजुर्गों का मान ।
खा मालपुआ खीर , वे दिन-भर चबाय पान ।।
कह ’वाणी’ कविराज, जरा करले जोड़-तोड़ ।
नाज करता समाज , रख पूरब-पश्चिम रोड़ ।।
शब्दार्थ: बुजुर्ग = वृद्ध व्यक्ति, चबाय = चबाना,नाज = गर्व,
भावार्थ: जहाँ पूरब-पश्चिम दिशा में एक साथ रोड़ हो उस परिवार मंे पुरूष वर्ग की बातोें को पूरा सम्मान मिलता है। प्राणेश्वरियाँ प्राण न्यौछावर कर देती हैं, परन्तु अपने प्रेम को घटने नहीं देती। बड़े-बुजुर्गों को अच्छा-भला सम्मान मिलता है, वे आए दिन मालपुआ-खीर खाते हुए दिन-भर पान चबाते रहते हैं।
’वाणी’ कविराज कहते हैं कि जरा भाग-दौड़ करो भाई, कुछ जोड़-तोड़ बिठाके ऐसा प्लाट खरीद लो। ऐसे भवनों में रहने वालों की सामाजिक प्रतिष्ठा तो बढ़ती है किन्तु उस अनुपात में धन-वृद्धि कुछ कम
रहती ।
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10 टिप्पणियां:
bahut khoob rachna to lajawab thi...sath me shabdarth aur anuvaad bhi diya...abhar...
http://dilkikalam-dileep.blogspot.com/
बहुत बढ़िया/
राम राम सा
चोखी ज्ञान की बात कही।
are waah bada hi nirala andaz hai..........vaise hamare ghar ke bhi poorab aur pashchim mein road hai.
jaankaar kee ye baat kaam aayegee. abhi to makaan ke pate nahi hai.achhe din bhi aayenge.
APNI MAATI
MANIKNAAMAA
Ham to bane banaye flatme rahte hain...!
बढिया..
Apni baat prastut karne ka niraala andaaz hai aapka ... bahut lajawaab ...
Jai Bharat,
Aapne achchhi jankari di hai ese hi dete raho aap hi Bharat k sachche sput hai. dekhe
www.tarangdarshan.tv
par bhi apne aalekh Bhej sakte hai.
tarangchannel@gmail.com
dhanyawad
this is vary good of i am vary impress
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